लालू यादव के वायरल ऑडियो पर CM हेमंत सोरेन की चुप्पी, बोले- अब उस पर क्या कहना!


लालू यादव के वायरल ऑडियो मामले में  सीएम हेमंत सोरेन ने कोई जवाब नहीं दिया.  (फाइल फोटो)

लालू यादव के वायरल ऑडियो मामले में सीएम हेमंत सोरेन ने कोई जवाब नहीं दिया. (फाइल फोटो)

बिहार विधानसभा में स्पीकर के चुनाव को प्रभावित करने के लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) का वायरल ऑडियो काफी सुर्खियों में है. इस मुद्दे पर जब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) से सवाल किया गया, तो उन्होंने भी चुप्पी साध ली.

रांची. झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के सुप्रीमो राज्य सभा के सांसद शिबू सोरेन का पूरा परिवार अपनी परंपरा को निभाते हुए आदिवासियों का 26 नवंबर से शुरू सोहराय पर्व मनाने के लिए अपने पैतृक गांव रौ-रौ का नेमरा टोला पहुंचा. प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य सभा के सांसद शिबू सोरेन, दुमका के विधायक बसंत सोरेन गुरुवार को अपने गांव पहुंचे. इस दौरान मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दी गई. सांसद शिबू सोरेन के परिवार के सभी सदस्यों ने सोहराय पर्व के तहत परंपरागत अपने बोंगा देवता की पूजा-अर्चना की. इस दौरान सीएम और उनके परिवार के सदस्यों ने गोहाल पूजा, गोठ पूजा भी की.

बिहार विधानसभा में स्पीकर के चुनाव को प्रभावित करने के लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का वायरल ऑडियो काफी सुर्खियों में है. इस मुद्दे पर जब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल किया गया, तो उन्होंने भी चुप्पी साध ली. मुख्यमंत्री गुरुवार की शाम अपने पैतृक आवास नेमरा में  मीडिया कर्मियों से बात कर रहे थे. इस दौरान जब झारखंड सरकार द्वारा लालू प्रसाद यादव को दिए गए वीआईपी ट्रीटमेंट पर सवाल किए गए, तो सीएम कुछ बोल नहीं पाए. उन्होंने बस इतना कहा कि “अब इस विषय पर क्या कहना है”. मुख्यमंत्री ने तत्काल बात को बदला और फिर वह अपने गांव की चर्चा करने लगे. उन्होंने कहा कि नेमरा उनके दिल में बसता है. यहां उनका पूरा परिवार सोहराय पर्व के मौके पर इकट्ठा हुआ है. हर वर्ष में इस मौके पर पूरे परिवार के साथ मौजूद रहते हैं. इस साल भी यह मौका खुशी के रूप में ही सामने आया है.

ये भी पढ़ें: Farmer Protest: अन्नदाता पर कार्रवाई गलत, सरकार बातचीत से निकाले हल: CM भूपेश बघेल

जनता के सामने रखेंगे सरकार का कार्य: सीएम सोरेनमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार के गठन के 1 साल के बाद वे अपने द्वारा किए गए कार्यों को भी जनता के समक्ष रखेंगे. हालांकि महागठबंधन की सरकार के गठन के 3 महीने बाद ही लॉकडाउन हो गया था. पिछले 9 महीनों से यह प्रदेश कोरोना से जंग लड़ रहा है. ऐसी विषम परिस्थिति में भी झारखंड सरकार ने संयम से काम लिया है. वह जनता के समक्ष अपने 1 साल के कार्यों को रखेंगे. जनता भी इस बात को जानती है कि हेमंत सोरेन की सरकार जनता से जुड़ी हुई सरकार है. सभी कार्यों के पीछे जनहित ही एकमात्र उद्देश्य है. मांडू वीडियो द्वारा 10 सेे40 पर्सेंट कमीशन मांगे जाने पर  उन्होंने कहा कि  सरकार भ्रष्टाचार करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी.




Latest Marathi Breaking News

Mobile review in marathi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *