बिहार- केस के आरोपी ने नहीं दी रिश्वत तो पुलिस अफसर ने फोन कर दी भद्दी-भद्दी गालियां, ऑडियो वायरल


न्याय की गुहार लगाता पीड़ित

न्याय की गुहार लगाता पीड़ित

Kaimur News: फोन पर गाली देने का ये मामला बिहार के कैमूर जिले से जुड़ा है. इस मामले में पीड़ित ने एसपी को आवेदन देकर कार्रवाई करने के लिए गुहार लगाई है.

कैमूर. बिहार सरकार पुलिस-पब्लिक संबंध को बेहतर बनाने की बात करती हैं तथा पुलिसिंग कार्यक्रम को लेकर लाखों खर्च भी किया जाता है, पर कुछ पुलिस पदाधिकारी के रवैये से सब पर पानी फिर जाता है. ताजा मामला कैमूर (Kaimur Police) जिले का है जहां पुलिसिया रौब दिखाते हुए मां-बहन की गलियों की बौछार करने का ऑडियो क्लिप वायरल (Viral Audio Clip) हुआ है, जिसमें पुलिस अधिकारी के द्वारा आरोपी से फोन पर बातचीत के क्रम में खूब गाली गलौज दिया गया.

घर में घुसने की दी धमकी

इस ऑडियो क्लिप के संबंध में बताया जाता है कि बुधवार को चांद थाना क्षेत्र के बरांव निवासी शशिकांत सिंह यादव और चांद थाना के जमादार अरुण कुमार यादव के बीच मोबाइल कॉल के जरिये बातचीत हो रही थी. बातचीत के वायरल ऑडियो में जमादार द्वारा कहा जा रहा है कि जो बचल है वो पूरा कर दो, नहीं तो हम घरवा पर दूसरा बेरी चढ़ेंगे तो एगो करम नही छोड़ेंगे, इसके बाद गाली गलौज की बौछार की जा रही है.

युवक ने ऑडियो के साथ एसपी को दिया आवेदनपीड़ित चांद थाना क्षेत्र के बरांव गांव निवासी युवक शशिकांत सिंह यादव ने बताया कि 24 मार्च को गली को लेकर दो परिवारों के बीच मारपीट हुई थी जिसमें दोनों पक्ष से एक-एक लोग घायल हुए थे. दूसरा पक्ष रामअवतार यादव के द्वारा 24 मार्च को आवेदन दिया गया तथा उसके अगले दिन 25 मार्च को शशिकांत की मां सविता देवी के द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया लेकिन एक पक्ष का आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज किया गया तथा दूसरी पक्ष सविता देवी आवेदन को नहीं लिया गया. शशिकांत ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब जमादार अरुण यादव को 5000 रुपये दिया गया तब एफआईआर दर्ज किया गया, उसके बाद दोनों पक्ष 26 मार्च 2021 को सरपंच के द्वारा आपस में समझौता कर लिए और समझौता का कागजात थाने में दिया गया, जिसका कागजात नहीं लिया गया और घर पहुंच कर जमादार के द्वारा गाली गलौज जमादार किया गया और युवक को पकड़कर थाने ले जाने लगे बीच रास्ते में 5000 रुपये दिया गया तो छोड़ दिया.

फोन कर मांगे पैसे

इसके बाद लगातार फोन करके गिरफ्तार करने का धमकी दी जा रही थी. बुधवार की सुबह खुद जमादार अरुण यादव फोन कर गाली गलौज और पैसे मांगने लगे. इस संबंध में युवक द्वारा पुलिस अधीक्षक कैमूर राकेश कुमार को प्राथमिकी दर्ज करने का आवेदन दिया गया है.

एसपी ने भभुआ मुख्यालय एएसपी को जांच का सौंपा जिम्मा

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कैमूर राकेश कुमार ने कहा कि आवेदन ऑनलाइन और व्हाट्सएप पर प्राप्त हुआ है, जिस मामले में जाँच कर कारवाई को जाएगी, मामले की जाँच एएसपी मुख्यालय को दिया जाएगा,आम आदमी हो या केस के आरोपी किसी के साथ दुर्व्यवहार कदापि बर्दास्त नहीं किया जाएगा.
सब सवाल यह है कि ऑडियो में कहा जा रहा है कि दूसरी बार आएंगे तो कौनो करम नही छोड़ेंगे, तो पहली बार अगर आरोपी से बातचीत या मुलाकात हुई तो धारा 307 के आरोपी की गिरफ्तारी क्यों नही की गई, इस प्रश्न चिन्ह पर जाँच के बाद ही  स्पस्ट हो सकता है,यह पहली बार नहीं है जब पब्लिक को पुलिसिया रॉब नहीं दिखाया गया हो.








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