दिल्‍ली में सांस लेना हुआ और मुश्किल, सोमवार को AQI के ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में पहुंचने की आशंका


दिल्‍ली में हाल फिलहाल हालात ठीक होते नहीं दिख रहे हैं.

दिल्‍ली में हाल फिलहाल हालात ठीक होते नहीं दिख रहे हैं.

दिल्ली (Delhi) में वायु प्रदूषण ने सांस लेना मुश्किल कर दिया है. जबकि सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) के और बिगड़ने की आशंका है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 22, 2020, 9:39 PM IST

नई दिल्ली. देश की राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi)की वायु गुणवत्ता रविवार को ‘खराब’ श्रेणी में रही और सरकारी एजेंसियों ने कहा है कि प्रतिकूल मौसम दशाओं के कारण उसके और बिगड़ने की आशंका है. जबकि दिल्ली में रविवार को 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) 274 रहा, तो शनिवार को यह 251 दर्ज किया गया था. इसी प्रकार दिल्ली में शुक्रवार, गुरुवार और बुधवार को एक्यूआई क्रमश: 296, 283 और 211 रहा था.

एक्यूआई के ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में पहुंच जाने की आशंका
उल्लेखनीय है कि शून्य से 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘अत्यंत खराब’ और 401 से 500 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. इस बाबत दिल्ली स्थित केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान प्रणाली ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता सोमवार को प्रतिकूल मौसम दशाओं के चलते बिगड़कर ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में पहुंच जाने की आशंका है. साथ ही कहा कि रविवार को सतही हवा की दशा उत्तर-पश्चिमी रही और हवा की अधिकतम रफ्तार 12 किलोमीटर प्रति घंटा रही. जबकि सोमवार को यह घटकर आठ किलोमीटर प्रति घंटा हो जाने की संभावना है. इसके अलावा केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि मंगलवार से शुक्रवार के बीच प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों की वजह से एक्यूआई में गिरावट आने और इसके ‘बहुत खराब’ श्रेणी में जाने की आशंका है.

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता निगरानी संस्थान ‘सफर’ के अनुसार पंजाब, हरियाणा और आसपास के इलाकों में शनिवार को पराली जलाने की करीब 649 घटनाएं दर्ज की गईं. उसके मुताबिक रविवार को दिल्ली की हवा में मौजूद पीएम-2.5 में पराली से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 12 फीसदी रही.वहीं, प्रदूषण के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी में ठंड भी परेशानी का सबब बन गई है. सुबह- शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है. इससे लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. सर्दी का आलम यह है कि शरीर को गर्म रखने के लिए लोगों को आग का सहारा लेना पड़ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार रविवार को यहां न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस रहा जो पिछले 17 सालों में नवंबर का सबसे कम न्यूनतम तापमान है.



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